मध्य प्रदेश में विकास का सच

मध्य प्रदेश में विकास का सच

२ विफल मुख्यमंत्री (उमा भारती एवं बाबूलाल ग़ौर) के पश्चात २००५ में जब मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया तब मध्य प्रदेश में आशा की एक की किरण जागी थी, जनमानस को विकास कीआशा थी, युवाओं को रोजगार की आशा थी, परिवारों को सुरक्षा की आशा थी. आशा थी की मध्य प्रदेश का कर्ज कुछ कम होगा, किसानों…

Read more

एक राजा गरीब सा, जनता के करीब सा : एक लेख ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम

एक राजा गरीब सा, जनता के करीब सा : एक लेख ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम

ज्योतिरादित्य सिंधिया एक नाम जो जनता के दिलों के करीब है, एक राजा गरीब सा शीर्षक देखकर आप लोग सोच रहे होंगे कि ये शीर्षक क्यूं? गरीबों के करीब रहना वाला शख्स गरीब ही है वो अपनी दौलत-शोहरत से, अपने विचारों से, अपनी शराफत से, अपने साधारणपन से अमीर है लेकिन गरीबों मे गरीब की तरां रहकर उनके दिलों मे उतरना किसी राजा के बस…

Read more

गुरमीत राम रहीम पर फैसला: आतंकियों का तांडव और नपुंसक सरकार

गुरमीत राम रहीम पर फैसला: आतंकियों का तांडव और नपुंसक सरकार

कथित बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह को शुक्रवार 25 अगस्त 2017 को दोपहर 3 बजे विशेष सीबीआई अदालत द्वारा बलात्कार का अपराधी घोषित कर जेल भेज दिया गया और उसके बाद उसके हजारों समर्थक जिन्हें हरियाणा के पंचकुला में इकट्ठा होने की इजाजत मिली थी, उत्पात और हिंसा पर उतर आये। 8 बजे तक मरने वालों की संख्या 28 हो गई थी, और घायल लोगों…

Read more

नोटबंदी में व्यक्तिगत वाहवाही लूटना मुख्य उद्देश्य : मोदी

नोटबंदी में व्यक्तिगत वाहवाही लूटना मुख्य उद्देश्य : मोदी

लगा के आग शहर को, ये बादशाह ने कहा उठा है दिल में तमाशे का आज शौक़ बहुत झुका के सर को सभी शाह-परस्त बोल उठे हुज़ूर शौक़ सलामत रहे, शहर और बहुत ! इस लेख के उपलिखित शीर्षक को पढ़ कर घबराइए नहीं, क्योकि यह एक व्यंग्य है, पर यही नोटेबंदी की सच्चाई भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसी सत्यपूर्ण ज़िम्मेदारी कभी नहीं ली,…

Read more

कौरव और पांडवों की तरह, सच और झूठ की समकालीन लड़ाई

कौरव और पांडवों की तरह, सच और झूठ की समकालीन लड़ाई

महाभारत दुनिया का सब से बड़ा ग्रंथ, हिंदू धर्म की नीव इसी ग्रंथ मे टिकी है। महाभारत ना केवल धार्मिक शिक्षा देता है हमें आम जीवन मे किस तरह जीवन जीना है उसकी भी सीख देता रहा है। महाभारत केवल एक ग्रंथ नही, ज्ञान का भंडार है। हमेशा सोचने मे मजबूर किया है की क्यूँ भगवान कृष्ण ने युद्ध नहीं रोका? क्या वजह थी की…

Read more

लोकतंत्र की अवधारण को कुचलता धनतंत्र

लोकतंत्र की अवधारण को कुचलता धनतंत्र

भारत विश्व का सबसे बड़ा लोक तंत्र है यहां जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि ही शासक होते हैं। चाहे वो ग्राम सरकार हो, नगर सरकार हो, राज्य सरकार हो अथवा केंद्र सरकार सभी सरकारों को चुनने का अधिकार जनता के पास है। 26 जनवरी 1950 को बना संविधान ही है जो जनता को इतनी शक्तियां प्रदत्त करता है कि वे ऐसे राजनीतिक दल को चुने…

Read more

क्या फ़िरोज़ गांधी मुसलमान थे ? पार्ट -१

क्या फ़िरोज़ गांधी मुसलमान थे ? पार्ट -१

यूं तो देशभक्ति के लिए किसी भी विशेष धर्म या जाति का होने की कोई आवश्यकता नहीं है। चाहे वह हिंदू हो , चाहे मुसलमान हो , चाहे इसाई हो, चाहे सिख हो चाहे बौद्ध हो , चाहे जैन हो चाहे पारसी, चाहे यहूदी हो या चाहे वह नास्तिक ही क्यों न हो, किसी भी धर्म या संप्रदाय को मानने वालों से देश के सेवा…

Read more